मुझे नरक में भेज दो, वहाँ भी स्वर्ग बना दूँगा, यदि मेरे पास पुस्तकें हों | —लोकमान्य तिलक

जलपान गृह (कैंटीन)

गायत्री तपोभूमि परिसर में आने वाले परिजन, दर्शनार्थियों के लिए जलपान गृह के अंतर्गत स्वल्पाहार, प्रज्ञा पेय, चाय इत्यादि की व्यवस्था उचित मूल्य पर की गई है।

©2026 All Rights Reserved.