स्वाध्याय से बढकर आनंद कुछ नहीं। —गांधी जी

गायत्री माता एवं महाकाल मंदिर

गायत्री माता का मंदिर एवं महाकाल का मंदिर सिद्धपीठ में गायत्री माता के मंदिर की स्थापना की गई है तथा अगल-बगल के कक्ष में क्रमश: पूज्यवर गुरुदेव एवं वंदनीया माताजी की प्रतिमाओं एवं चरण पादुकाओं की स्थापना की गई है। पूज्य गुरुदेव के कक्ष में 2400 तीर्थों का जल-रज तथा अस्थि कलश भी रखा गया है। इसके साथ ही वंदनीया माताजी के कक्ष में 2400 करोड़ मंत्रलेखन की स्थापना है। मंदिर के प्रांगण में प्रात: आरती एवं यज्ञशाला में यज्ञ तथा सायं आरती नियमित चलते रहते हैं। प्रज्ञा नगर में महाकालेश्वर का भव्य मंदिर भी है।

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