नित्यं स्वाध्यायशीलश्च दुर्गान्यति तरन्ति ते। अर्थात- नित्य स्वाध्याय करने वाला व्यक्ति दु:खों से पार हो जाता है। —महाभारत शांति पर्व

शिविरों का आयोजन

गायत्री तपोभूमि प्राचीनकाल से ॠषियों की तपस्थली रही है। अत: यहाँ के दिव्य वातावरण में साधना करने का लाभ अधिक मिलता है। यहाँ निरंतर प्रतिमाह दो 9 दिवसीय साधना शिविर प्रत्येक माह की 5 से 13 तारीख तथा 20 से 28 तक की तारीखों में लगते हैं, जिनमें साधकों को प्रतिदिन जीवन जीने की कला, स्वास्थ्य आदि विषयों पर प्रवचन सुनने का लाभ मिलता है। आश्रम के अनुशासन में साधना करने वाले पात्र साधकों का इन शिविरों में स्वागत है। विद्यालयों के ग्रीष्मावकाश में छात्र-छात्राओं एवं युवक-युवतियों के 9 दिवसीय माता सरस्वती शिविर भी आयोजित किए जाते हैं। समय-समय पर अन्य शिविरों का भी आयोजन किया जाता है। शिविरों की सूचना युग निर्माण योजना मासिक में नियमित प्रकाशित होती रहती है। 

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