असतो मा सद्गमय, तमसो मा ज्योतिर्गमय, मृत्योर्माऽमृतं गमय ।
हे परमात्मा ! हमें कुमार्ग छोड़कर सन्मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें। हमारे अंतःकरण में छाए वृत्तियों के अंधकार को दूर कर सद्ज्ञान के प्रकाश से आलोकित करें। ऐसा मार्ग दिखाएँ, जिससे हमारे नश्वर शरीर के न रहने पर भी हमारे सत्कार्यों की कीर्ति अमर रहे।
स्वाध्याय से बढकर आनंददायक कुछ नहीं। — गांधी जी