प्रत्येक पूर्णिमा: प्रातः 8.30, सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा के दस स्नान, सायं दीपयज्ञ 6.30 से 7.30।
वसंत पंचमी: यज्ञ प्रातः 6.30 से 8.30, दीक्षा एवं संस्कार 6.30 से 7.30, झंडारोहण 9.00, पर्व पूजन, संगीत एवं प्रवचन 10 से 12, भोजन-प्रसाद।
महाशिवरात्रि: एक दिन पूर्व से अखंड रामायण पाठ प्रातः 8.30 प्रारंभ ।
महाशिवरात्रि को यज्ञ एवं महाकाल का पूजन, संगीत, प्रवचन, अभिषेक आदि प्रातः 10 बजे ।
होली: होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा के दिन दीपयज्ञ के पश्चात, उसके अगले दिन रंगोत्सव का आयोजन होता है ।
नवरात्र: गायत्री अनुष्ठान का संकल्प एक दिन पूर्व सायं 6.30, यज्ञ प्रातः 6.30 से 8.30, संकल्प के पश्चात अनुष्ठान प्रारंभ । प्रतिदिन सायं आरती 5.30 से 6.25, नवरात्र पर प्रवचन की दो कक्षाएँ चलती हैं।
श्रीराम नवमी: अनुष्ठान पूर्णाहुति यज्ञ प्रातः 6.30 से 8.30, रामनवमी पर्व पूजन, उद्वोधन, पुष्पांजलि प्रातः 9.00 से 11.00 बजे, भोजन-प्रसाद ।
गायत्री जयंती / (गंगा दशहरा): प्रातः यज्ञ 6.30 से 8.30, गायत्री-गंगा पर्व पूजन 9 से 11, भोजन-प्रसाद।
गुरु पूर्णिमा / मुड़िया पूनौ: दस स्नान प्रातः यज्ञ 6.30 से 8.30, दीक्षा, विद्यारंभ संस्कार आदि । 9 से 11 पर्व पूजन, प्रवचन, भोजन-प्रसाद।
श्रावणी / रक्षाबंधन: दस स्नान परिजनों का प्रातः 6.30 से 7.30 बजे। प्रातः सजल श्रद्धा-प्रखर प्रज्ञा के दस स्नान 8.30, श्रावणी पर्व (यज्ञोपवीत परिवर्तन, सामूहिक रक्षाबंधन, पर्व पूजन) । संगीत एवं प्रवचन प्रातः 9.00 से 11.00 तक, भोजन-प्रसाद।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: पर्व पूजन, संगीत, प्रवचन सायं 6.30 से 8.00 तक।
वन्दनीय माता जी दिवस प्रातः 7 से सायं 5:00 तक सामूहिक जप सायं आरती के पच्चात उद्धवोधन, दीप यज्ञ 6:30 से 8:00 तक |
पूज्य गुरुदेव अवतरण दिवस: आश्विन कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी प्रातः 9.00 से 11.00 बजे तक।
वंदनीया माताजी अवतरण दिवस: आश्विन कृष्ण पक्ष, चतुर्थी प्रातः 9.00 से 11.00 बजे तक।
पितृपक्ष: महालय आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से चतुर्दशी तक प्रतिदिन निशुल्क श्राद्ध तर्पण प्रातः 8.30 से 10.30 बजे तक। पितृपक्ष अमावस्या को तर्पण की विशेष व्यवस्था होती है। समय प्रातः 7.00 बजे से तर्पण- प्रक्रिया आरंभ हो जाती है।
शारदीय नवरात्र: संकल्प एक दिन पूर्व सायं 6.30, प्रातः 6.30, प्रतिदिन अनुष्ठान, यज्ञ प्रातः 6.30 से 7.30, प्रवचन की नियमित दो कक्षाएँ।
नवमी: अनुष्ठान पूर्णाहुति यज्ञ प्रातः 6.30 से 8.30, भोजन-प्रसाद ।
दीपावली: सायं 6.30 से 8.30 दीपदान, सामूहिक गणेश-लक्ष्मी पूजन, संगीत-प्रवचन । पवित्र अखंड अग्नि से प्रज्वलित दीपक निःशुल्क देने की व्यवस्था है ।
गोवर्धन पूजा: दीपावली के बाद प्रतिपदा तिथि को भगवान गोवर्धन एवं गोमाता की पूजा दोपहर 11.00 बजे से 12.00 बजे के बीच होती है ।
26 जनवरी / 15 अगस्त: प्रतिवर्ष प्रातः 9.00 बजे सभी आश्रमवासी तथा अतिथि मिलकर झंडारोहण कर राष्ट्रीय पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं ।
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