स्वाध्याय योग युक्तात्मा परमात्मा प्रकाशते। अर्थात स्वाध्याययुक्त साधना से ही परमात्मा का साक्षात्कार होता है ।—महर्षि व्यास

प्रवचन हॉल

सत्संग की व्यवस्था के लिए आश्रम परिसर में ही विशाल सभागार निर्मित किया गया, इस सभागार को युगॠषि सभागार नाम दिया गया है, बालकनी में भी बैठने की व्यवस्था है, कुल  800-1000 के बीच परिजन यहाँ सत्संग का लाभ एक साथ ले सकते हैं। गायत्री तपोभूमि में चलने वाले सभी शिविरों तथा वसंत पंचमी, गायत्री जयंती, गुरुपूर्णिमा आदि पर्व-त्योहारों का कार्यक्रम यहीं संपन्न किया जाता है ।

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